रेशम जैसी हवाने सराहा फुलो के तनको तौबा तौबा
गाते झरने मतवाले पंछी ही कलम अरे तौबा तौबा
तितली के पंख रंगीन, चाहे रंगना जहां तौबा तौबा
जुग्नु क्युं रातो कों ही चमके झुम झुम तौबा तौबा
चिकनी मिट्टी पे सावन मे बुलावा हाय तौबा तौबा
आवारे भंवरे गुन गुना के चुनर सराहे तौबा तौबा
एक छलकता जाम मौसमे प्रेम कहानी तौबा तौबा
दरम्यान बुंदन बुंदन उनकी निगाहे तौबा तौबा
-----------रेखा शुक्ला १०/१३/१४
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