दूध पिलाके चूप करवा दे मा
रोता बिखलता केहता मुजे रोना है
टीचर करवाता चूप क्लास मे
जब वो बहार खेलना चाहता
जिम्मेदारी चूप करवाती
कांधे पे 'पापा ' उठाता
बच्चा रो रहा है चूप भी करो
चिल्लाना अब बंध करो
बीबी केहती शोहर केहता
बच्चा दोनो को चूप करवाता
गझल उसकी चिखती के मै कुच केहना चाहता
शायराना रो पडती शब्द उसे प्यार करता
मोरफिन दे के डोकटर चूप करवाता
पैदा होने पे मिठा कोई क्यु फिर बांटता ?
कोई हसता और बधाई क्यु फिर देता है ?
जब चिख बन जाये शिकायत तो तोहिन क्यु करते हो?
आसान नहीं रोज रोज का मरना तो जीना क्युं केहते हो?
-----रेखा शुक्ला