ગુરુવાર, 30 એપ્રિલ, 2015

होंसले के परिंदे

अय इश्क अय खुदा मेरे मौला मेरी वजह बतादे
चाहत के घरों मे होंसले के परिंदेकी जगह बतादे
----रेखा शुक्ला


जलादो जख्म ताजा हुं
नवाजो ना अभी बाकी हुं 
जिस्म से जुदा तुजसे हुं
खुली आंखे देख सपना हुं 
---रेखा शुक्ला

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