મંગળવાર, 2 ડિસેમ્બર, 2014

मोती अश्कोके---नजरें धुंधली...शब्द हैं !!

मोती अश्कोके नजरें शब्द है; 
दुनिया छोडके न जाते शब्द हैं !


खंजर मंजर पागल पायल हैं; 
कब्र लाश छोडके चले शब्द हैं !


राही हैं सांसो की दोर शब्द है;
मुसाफिर बन चल पडे शब्द हैं!


चुपके से दफना जाते शब्द हैं;
शब्द का कफन शब्दकी लाश हैं


कोई कहे लब्झ कोई शब्द हैं;
गीत की प्यासी नजर शब्द हैं !


आखरी आशिष रूए शब्द हैं;
खाक मे मिले खाक शब्द हैं !!


प्यारका प्यासा दिप शब्द हैं; 

इश्क ना सनम वफा शब्द हैं !

करार सजदा नादान शब्द हैं;
गेहरी निंदमे प्यास एक शब्द हैं


बिखरी झुल्फोंकी हस्ती शब्द हैं;
हसती नशीली मस्ती शब्द हैं !
----रेखा शुक्ला

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